श्री पीपा धाम, वृन्दावन
पीपा पीठ आश्रम जहाँ साधना और सेवा एक ही श्वास में बहते हैं। यहाँ आने वाला कोई अतिथि नहीं, हर कोई आश्रम परिवार का सदस्य है।
01.
संस्कृत विद्यालय
यहाँ संस्कार और सदाचार पर विशेष ध्यान के साथ ज्ञान दिया जाता है। प्राचीन वैदिक गुरुकुल पद्धति के साथ आधुनिक विषयो का भी पठन-पाठन होता है। यहाँ बालकों से लेकर जिज्ञासु साधकों तक सभी के लिए संस्कृत अध्ययन की व्यवस्था है।
02.
गौसेवा
देशी गौमाता की सेवा एवं संरक्षण हमारी प्रमुख साधना है। गौवंश की सेवा से न केवल पुण्य की प्राप्ति होती है, अपितु समस्त सृष्टि का कल्याण होता है।
03.
भागवत कथा एवं प्रचार
भाग्योदयेन बहुजन्मसमर्जितेन,सत्सङ्गमं
च लभते पुरुषो यदा वै।
अज्ञानहेतुकृतमोहमदान्धकार-
नाशं विधाय हि तदोदयते विवेकः॥श्रीमद्भागवत कथा, रामकथा भक्तमाल कथा एवं शिवपुराण देवीभागवत इत्यादि पौराणिक कथाओं के माध्यम से सनातन धर्म का प्रचार प्रसार किया जाता है। कथा श्रवण से भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य की त्रिवेणी हृदय में प्रवाहित होती है।
हमारे बारे में
वृन्दावन की वह पावन भूमि, जहाँ यमुना की लहरें भी धीरे-धीरे चलती हैं, जैसे कुछ सुन रही हों। श्रीमद् आद्यजगद्गुरु रामानन्दाचार्य जी महाराज जिन से की रामानन्द सम्प्रदाय प्रारम्भ हुआ उनके प्रिय शिष्य श्री पीपानन्दाचार्य जी महाराज जो की पूर्व जन्म से मनू जी महाराज के अवतार है उनके नाम से यह गुरु शिष्य परम्परा चल रही है पीपा धाम आश्रम के संस्थापक अनन्त श्री विभूषित श्रीमद जगदगुरु द्वाराचार्य श्रीझंकारेशरवर त्यागी जी महाराज है जो की राजस्थान में झालावाड़ की पावन भूमी पीपा जी महाराज की जन्म स्थली पीपा पीठ पर विराजमान है। उन्ही के प्रिय शिष्य श्री श्रीमुकुंद शरण जी महाराज पीपा धाम वृन्दावन में विराजते है।

ट्रस्ट का नाम एवं उद्देश्य -
ट्रस्ट का नाम बक्सर वाले मामा जी श्री नारायण दास भक्त माली जी महाराज के कृपा पात्र शिष्य श्री श्री हरिचरण दास जी महाराज के नाम से है। जो कि परम नाम निष्ठ और वैराग्यवान थे उनका सम्पूर्ण जीवन सत्संगमय था। अनेक वैष्णवों को भगवत्प्राप्ति के मार्ग पर आपने लगाया।
हमारी पहल
आश्रम द्वारा लोगों की मदद के लिए कई क्षेत्रीय कार्यक्रम और सेवाएँ समर्पित हैं
धर्म शिक्षा
गौ सेवा
हमारे लिए गौमाता पशु नहीं हमारी माता है — जिसके दर्शन और पूजन परिक्रमा से हमारे दिन का प्रारम्भ होता है।
समुदाय सेवा
धर्म कार्य में सहभागी बनें
आपका योगदान हमारे किसी भी कार्य में अमूल्य होगा। चलिए, हम सब मिलकर सेवा करें।
हमसे जुड़ें
हर कदम पर आपकी मदद आवश्यक है। चलिए, हम सब मिलकर एक सकारात्मक बदलाव लाएँ।